Petrol Diesel LPG Price : पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दामों में गिरावट की खबर!
फरवरी 2026 में भारत के कई शहरों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, बल्कि कुछ जगहों पर मामूली गिरावट दर्ज की गई है। मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि दिल्ली में डीजल की कीमत फरवरी में सबसे कम ₹87.62 तक पहुंची, जो महीने भर में 0.06% की गिरावट दर्शाती है। एलपीजी के घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत मुंबई में ₹852.50 बनी हुई है, जो पिछले कई महीनों से लगभग अपरिवर्तित है।
क्यों आई दामों में राहत?
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों (ब्रेंट क्रूड) में गिरावट मुख्य कारण रही है, जो पिछले कुछ दिनों में 2.50% तक नीचे आईं।
तेल विपणन कंपनियां जैसे IOC, BPCL और HPCL रोजाना कीमतों की समीक्षा करती हैं और वैश्विक बाजार के आधार पर बदलाव करती हैं।सरकार की सब्सिडी व्यवस्था और स्थिर लागत संरचना ने भी घरेलू उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ से बचाया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्लोबल सप्लाई बनी रही, तो आने वाले महीनों में और राहत संभव है।
आम जनता पर प्रभाव
दामों की स्थिरता या कमी से मध्यम वर्ग, किसानों और परिवहन क्षेत्र को सीधा फायदा हो रहा है। वाहन चालकों का मासिक खर्च नियंत्रित रहता है, जबकि किसानों के ट्रैक्टर और पंपसेट का व्यय कम होता है। व्यापारियों के लिए माल ढुलाई सस्ती पड़ रही है, जिससे सब्जी-फल जैसी चीजों की कीमतें स्थिर हैं। घरेलू एलपीजी सस्ता रहने से महिलाओं का रसोई बजट संभल रहा है और छोटे व्यवसाय जैसे ढाबे-होटल चलाने वालों को राहत मिली है।
भविष्य की संभावनाएं
फरवरी 2026 में पिछले 12 महीनों से दामों में कोई बड़ा उछाल नहीं आया, बल्कि डीजल में मामूली कमी देखी गई। यदि कच्चे तेल की कीमतें ₹67 प्रति बैरल के आसपास रहीं, तो मार्च में पेट्रोल-डीजल सस्ते हो सकते हैं। हालांकि, एलपीजी में पिछले साल ₹50 की कुल बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन फिलहाल स्थिरता बनी हुई है।सरकार चुनावी साल में ईंधन दामों पर नजर रख रही है, जिससे और राहत की उम्मीद है।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
रोजाना रेट चेक करने के लिए CarDekho या NDTV जैसे ऐप्स इस्तेमाल करें। सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के लिए DBT ऐप से लाभ लें। किसान भाई डीजल कीमतों पर नजर रखें, क्योंकि यह खेती की लागत सीधे प्रभावित करता है। कुल मिलाकर, यह स्थिरता आम आदमी के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक घटनाओं पर निर्भरता बनी रहेगी।